खट्टा मीठा सफर

ये जिंदगी का कारवां है ।
ना जाने कल हम कहाँ तुम कहाँ?
हर लम्हा बीत जायेगा, ख़ुशी गम का।
साथ रह जायेंगी बस यादें, खट्टी मीठी बातें।

आज न हो अहसास भले इसका।
 पर कल एक पल रुला देंगी ये यादें।
जिंदगी का कारवां है चलता रहेगा।
हर रोज कोई आएगा, कोई चला जायेगा।

सफर में इस ना जाने कितने मिलेंगे साथी?
पता किसी को ना होगा, कब तक के हैं राही?
एक दूजे सा न कोई होगा।
पर बिछुड़ने पर लगेगा हर एक ख़ाश ही।

साथ रहकर ना जाने कितनी ढूँढेगें खामियाँ?
पर बिछुड़कर वो भी लगेंगी जैसे खूबियाँ ।
सोचकर ही पलकें  भर आयीं।
ना जाने आने वाला पल कैसा दे दिखाई । 

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barish

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