वो बचपन फिर से लौट आये
काश वो बचपन लौट आये
छोटी- छोटी खुशियां फिर से दिख पाएं
माँ का दुलार, पिता का लाड़
भाई से लड़ना, बहन से झगड़ा,
काश वो बचपन। ……
आँखों से आंसू टपके नही,
माँ का पल्लू मिल जाए
चीजें मांगते ही मिल जाएँ
बड़े-बड़े सपने देख पाएं
काश वो.……………।
पल में गुस्सा, पल में शांत
अपनी कुटिया ही स्वर्ग संसार
न किसी से नफरत, न तकरार
हर किसी से मिले प्यार और दुलार
काश वो.……………।
जितना मर्जी उछल- कूद मचाएं
जब मर्जी ऊधम कर पाएं
बिना शर्तों के जिंदगी बिताएं
पल में सारे गम भूल जाएँ
काश वो.……………।
बात- बात पर डांट खाएं
फिर आंसू के साथ ही
सारा गुस्सा और डांट
झट से गुल हो जाये
काश वो.……………।
हमारी शरारतें व शैतानियाँ
भी सबके मन को भाये
हमे मार कर भी सबकी
पलकें नम हो जाएँ
काश वो.……………।
कागज की कश्ती चलायें
इंद्रधनुष देखकर भी उछल जाएँ
उड़ता जहाज देख, लगे हमने उड़ाया
किताब से ही घर बन जाये
काश वो.……………।
छोटी बात मनवाकर भी
बड़ी खुशी मिल जाये
एक टॉफी पाकर ही
ख़ुशी से उछल जाएँ
काश वो.……………।
छोटी- छोटी खुशियां फिर से दिख पाएं
माँ का दुलार, पिता का लाड़
भाई से लड़ना, बहन से झगड़ा,
काश वो बचपन। ……
आँखों से आंसू टपके नही,
माँ का पल्लू मिल जाए
चीजें मांगते ही मिल जाएँ
बड़े-बड़े सपने देख पाएं
काश वो.……………।
पल में गुस्सा, पल में शांत
अपनी कुटिया ही स्वर्ग संसार
न किसी से नफरत, न तकरार
हर किसी से मिले प्यार और दुलार
काश वो.……………।
जितना मर्जी उछल- कूद मचाएं
जब मर्जी ऊधम कर पाएं
बिना शर्तों के जिंदगी बिताएं
पल में सारे गम भूल जाएँ
काश वो.……………।
बात- बात पर डांट खाएं
फिर आंसू के साथ ही
सारा गुस्सा और डांट
झट से गुल हो जाये
काश वो.……………।
हमारी शरारतें व शैतानियाँ
भी सबके मन को भाये
हमे मार कर भी सबकी
पलकें नम हो जाएँ
काश वो.……………।
कागज की कश्ती चलायें
इंद्रधनुष देखकर भी उछल जाएँ
उड़ता जहाज देख, लगे हमने उड़ाया
किताब से ही घर बन जाये
काश वो.……………।
छोटी बात मनवाकर भी
बड़ी खुशी मिल जाये
एक टॉफी पाकर ही
ख़ुशी से उछल जाएँ
काश वो.……………।
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