आज तेरु भोल मेरु वक्त चा . आज तेरु भोल मेरु, ना हैंस दगड़्या वक्त चा तेरा बाटो मा भि रै होला कांडा, पर मेरु त बाटू ही कांडू कु च ना हैंस दगड़्या वक्त चा, आज तेरु भोल मेरु ना हैंस दगड़्या वक्त चा, तेरा पिछाड़ी त लगीं लैन दुनिया वालों की पर अपड़ी त यख कैथे सुध भि नीच ना हैंस दगड़्या वक्त चा, आज तेरु भोल मेरु ना हैंस दगड़्या वक्त चा, तू त छे द्यखणू सभि सुख अपणा घौर भटि, म्यार त यूँ सुखों का बाना अपरू घौर छ्वड्यूं च ना हैंस दगड़्या वक्त चा, आज तेरु भोल मेरु ना हैंस दगड़्या वक्त चा..... माना कि तिल सर्या उकाल टैपि याली एक ससि पर बिसौण कैरिक मी भि लग्यूं छौं सरासरि ना हैंस दगड़्या वक्त चा, आज तेरु भोल मेरु ना हैंस दगड़्या वक्त चा, आज तेरु वक्त चलणू चा, मेरु त जमानु ही आलु ना हैंस दगड़्या वक्त चा, आज तेरु भोल मेरु ना हैंस दगड़्या वक्त चा, by Vikas Bhardwaj (०९. ०१.२०१८)
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें