सपनों की दुनिया
एक सपना मेरा भी था |
एक ख्वाब मैने भी देखा ,
सपनो की नगरी में
मैने भी सब कुछ पाया |
पर सपनो से निकली तो
खुद को खाली ही पाया |
दुनिया की सैर की,
जब हकीकत में कैद थी |
दुनिया में सब कुछ मेरा था,
जब मेरे पास कुछ न था |
मै दूर देश की सैर कर रही थी,
जब पंख मेरे कट गए थे |
मेरे सपनो की दुनिया निराली थी,
जब हकीकत की दुनिया खाली थी |
मैं सबसे खुश थी,
जब कि दुखों से घिरी थी |
सच कहूँ तो बड़ी सुंदर थी,
बड़ी सुकून भरी और न्यारी थी |
मेरे अपनों कि दुनिया
मेरे सपनो कि दुनिया |
एक ख्वाब मैने भी देखा ,
सपनो की नगरी में
मैने भी सब कुछ पाया |
पर सपनो से निकली तो
खुद को खाली ही पाया |
दुनिया की सैर की,जब हकीकत में कैद थी |
दुनिया में सब कुछ मेरा था,
जब मेरे पास कुछ न था |
मै दूर देश की सैर कर रही थी,
जब पंख मेरे कट गए थे |
मेरे सपनो की दुनिया निराली थी,
जब हकीकत की दुनिया खाली थी |
मैं सबसे खुश थी,
जब कि दुखों से घिरी थी |
सच कहूँ तो बड़ी सुंदर थी,
बड़ी सुकून भरी और न्यारी थी |
मेरे अपनों कि दुनिया
मेरे सपनो कि दुनिया |
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